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मंगलवार, 19 जुलाई 2011

तेंडुलकर के अंदर भी कमजोरियां हैं:माइकल वॉन

6:57 am | Labels: 1 टिप्पणियाँ


पिंकी जोशी : लंदन. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कलात्मक बल्लेबाज माइकल वॉन ने सचिन को लेकर बयानबाजी का सिलसिला जारी रखा है। वॉन एक ब्रिटिश अख़बार के लिए लिखे लेख में कहा है कि सचिन दुनिया के महानतम बल्लेबाज जरूर हैं, लेकिन वह भी इंसान हैं। उनका कहना है कि अगर इंग्लिश गेंदबाज सही गेंदबाजी करें और बुनियादी चीजें बेहतर तरीके से करें।

वॉन के मुताबिक, 'इंग्लैंड को याद रखना होगा कि तेंडुलकर एक इंसान हैं। वह भी गलतियां करते हैं। उन्हें जुबान चलाना भी बंद करना होगा। इंग्लिश गेंदबाजों को अपनी गेंद से ही जवाब देना चाहिए। तेंडुलकर ने यही काम अपने बल्ले से पिछले 20 सालों में किया है।' वॉन का यह लेख डेली टेलीग्राफ में छपा है।

तेंडुलकर की जमकर तारीफ करते हुए वॉन ने माना कि भारत के लिए सचिन बहुत अहम साबित होंगे। तेंडुलकर के साथ ही वॉन ने टीम इंडिया की शान में भी कसीदे पढ़े। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम साल दर साल बेहतर होती जा रही है। वॉन के मुताबिक, 'दो दशक बीत जाने के बावजूज आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके बल्ले की धाक बरकरार है। वे शतकों के शतक की दहलीज पर खड़े हैं। यह असाधारण उपलब्धि है। लोग यह पूछते हैं कि वह इतने अच्छे क्यों हैं और उन्हें क्या चीज दूसरों से अलग करती है?'

वॉन ने तेंडुलकर की तारीफ करते हुए कहा, 'मैं महान बल्लेबाजों के समय में उनके साथ खेला हूं, लेकिन तेंडुलकर उस सूची में नंबर एक हैं। क्योंकि उन्होंने जबर्दस्त दबाव के बीच करोड़ों लोगों की उम्मीद को ढोया है। वे भारत में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति से ज़्यादा मशहूर हैं। वे हर बार जब क्रीज पर जाते हैं तो उन्हें अपनी छवि और लोकप्रियता से उपजी उम्मीद का दबाव झेलना होता है। उनकी तकनीक शानदार है और जब भी वे क्रीज पर जाते हैं तो सब चीजें बेहतर हो जाती हैं।'

वॉन ने कहा, 'पिछले एक दशक में बल्लेबाजी की तकनीक को लेकर ट्रिगर मूवमेंट और फॉरवर्ड प्रेसेज जैसे मुहावरे हमारे सामने आए हैं। लेकिन सचिन की खासियत यही है कि वह एक ही जगह पर खड़े होकर चारों ओर शॉट लगाते हैं। अगर आप काग़ज़ और कलम लेकर किसी आदर्श बल्लेबाज की रूपरेखा उकरेंगे तो उसमें आपको तेंडुलकर की छवि नज़र आएगी।'

लेकिन वॉन यह मानते हैं, 'तेंडुलकर जब शुरुआत करते हैं तो उनके आउट होने की संभावना बहुत ज़्यादा होती है। सभी बल्लेबाजों की तरह पारी की शुरुआत में जब गेंद ऑफ स्टंप के आसपास टप्पा खाकर मिडल स्टंप की तरफ रुख करती है तो वे अक्सर मुश्किल में पड़ जाते हैं। ऐसी गेंद जो ऑफ स्टंप पर गिरकर मिडल स्टंप की तरफ आती है, वह तेंडुलकर को शुरुआत में थोड़ा परेशान करती है।'
वॉन ने सचिन की बल्लेबाजी में खामी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि पारी की शुरुआत में गेंद को ड्राइव करते हुए कई बार बोल्ड या एलबीडब्लू होते हुए देखा है। उनके मुताबिक इंग्लैंड के गेंदबाज लिटिल चैंपियन को परेशान करने के लिए शॉर्ट गेंद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ऐसी हालत में क्रिस ट्रेमलेट अहम गेंदबाज साबित होंगे।

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1 टिप्पणियाँ:

beby pande ने कहा…

सुन्दर लेख पिंकी जी

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