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गुरुवार, 4 अगस्त 2011

अपने कम्प्यूटर की परफ़ारमेन्स सुधारें : नयी तकनीक


 प्रोसेस लासू प्रो (Process Lasso Pro) एक अभिन्न नयी तकनीक है जो कि दूसरी वस्तुओं के साथ आपके कम्प्यूटर की प्रतिक्रिया करने की गति और स्थायित्व को बढ़ाता है। विन्डोज़ इस प्रकार डिज़ाइन की जाती है कि प्रोग्रामस् बिना खींच-तान आपके CPU को पूर्णतया प्रयोग कर सके ताकि वह अटक-अटक के न चले यानि वह फ्रीज़ न हो जाये या हैंग न करे। प्रोसेस लासू प्रो (Process Lasso's Pro) संतुलन तकनीक रनिंग प्रोग्रामस् (running programs) की प्राथमिकता को बुद्धिमत्ता से संतुलित करती है इससे बुरा बर्ताव करने वाले या असंतुलित प्रोग्रामस् आपके कम्प्यूटर प्रयोग करने की समर्थता को बाधित नहीं कर पायेंगे।

साथ ही साथ प्रोसेस लासू प्रो (Process Lasso's Pro) प्रोसेस प्राथमिकताएँ और समानताएँ, अमान्य प्रोसेस को बंद करना, दृष्टांत गिनती सीमा, एक प्रणाली प्रतिक्रिया ग्राफ, प्रक्रियाओं की लॉगिंग, इत्यादि (default process priorities and affinities, termination of disallowed processes, instance count limits, a system responsiveness graph, logging of processes, and much more) क्षमताएँ प्रदान करता है|

जैसे ही आप इसे इंस्टॉल करते हैं, यह कार्य करना प्रारंभ कर देता है। अधिक उन्नत प्रयोगकर्ता उन्नत सेंटिंगस् को अपने अनुसार बदल सकते हैं किन्तु आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि सिस्टम के प्रतिक्रिया करने की गति को तुरंत बढ़ाने के लिए उच्च लोड की परिस्तिथि में कुछ भी मनमाने बदलाव नहीं करने चाहिए।
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प्रोसेस लासू विन्डोज़ 2000, XP, 2003, 2008, Vista और 7, सभी संस्करणों पर रन करता है।

प्रोसेस लासू प्रो (Process Lasso's Pro) के प्रमुख गुण निम्न हैं:

* प्रो-संतुलन गतिशील प्राथमिकता अनुकूलन
* डेस्कटॉप, लैपटॉप और नेटबुक्स पर बढ़िया काम करता है
* नियमित (sticky) प्राथमिकताएँ और CPU समानताएं
* गेमिंग मोड
* दृष्टांत गिनती सीमा
* अमान्य प्रक्रियाएँ
* उच्च दक्षता शक्ति पद्धति प्रक्रियाएँ
* एंटी-स्लीप प्रक्रियाएँ
* प्रक्रियाओं को चलाना (स्वत: पुनः आरंभ)
* अद्वितीय प्रणाली कार्यवृत्ति ग्राफ
* svchost.exe के बीच अंतर
* बहुत कम संसाधन का उपयोग
* स्टैण्ड-अलोन प्रक्रिया प्रबंधन इंजन (1MB से भी कम RAM का उपभोग)
* दोनों 32-bit और 64-bit आर्किटेक्चर पर अधिकतम दक्षता के लिए बना है
* घटनाओं की लॉगिंग
* और भी बहुत कुछ...

View Image in New Windowप्रोसेस लासू को .net की बजाय नेटिव C++ में लिखा गया है। सभी बैकग्राउण्ड कोर इंजन जो प्रोसेस प्रबंधन करता है पूर्णतया गूई (ग्राफ़िक यूज़र इंटरफ़ेस) से मुक्त है जो कि बिना ओवरहेड(overhead) के लागू प्रोसेस नियमों को बनाये रखता है। प्रोसेस लासू के साथ, लोड समय त्वरित है और रिसोर्स का खपत बहुत ही कम है।

View Image in New Windowग्राफ़िक इंतरफेस गुण:

* सुविधा के लिए आधारभूत कार्य प्रबंधन क्षमताएँ
* प्रति-CPU प्रक्रिया इतिहास दिखाता है
* प्रक्रिया सेटिंग्स और नियम बदल सकते हैं
* एक बार में कई प्रक्रियाओं पर कार्य कर सकते हैं
* सिस्टम-ट्रे आइकन के साथ सूचनाएँ
* लगभग न्यूनतम संसाधनों की खपत
* फैंसी ग्राफिक्स के बिना अपना काम करता है जो आपको चकाचौंध कर देता है

होमपेज: http://www.bitsum.com/prolasso.php
 (इस पोस्ट का अंग्रेजी संस्करण साफ्टवेयर  के होमपेज पर पढ़ सकते हैं।)


अभी डाउनलोड करें:


32 बिट विन्डोज़ के लिए संस्करण:
http://www.bitsum.com/files/prolasso.zip

64 बिट विन्डोज़ के लिए संस्करण:
http://www.bitsum.com/files/prolasso64.zip

इस साफ़्टवेयर का प्रो-संस्करण(Professional version) इस फ़ोरम से डाउनलोड करके, पूर्ण परीक्षण कर सकते हैं:
http://www.masterofdevils.com/topic/1941-bitsum-technologi

पिंकी जोशी 

साभार :विनय प्रजापति 


भारतीय तिरंगा आपके ब्लॉग पर लगायें


पिंकी  जोशी : १५ अगस्त आने वाली है। पेश है आपके लिए खास विजेट।
   भारतीय तिरंगे को ब्लॉग पर किसी विशिष्ट कोने पर कैसे लगायें? तो यह ख़ास पोस्ट आपके और आपके   हर जिज्ञासु के लिए जिसको अपने ब्लॉग पर भारतीय झण्डा मनमुताबिक किसी भी कोने पर लगाना है। आशा है आप सभी आसानी से समझ जायेंगे।

तिरंगा बायीं ओर ऊपर कोने में

जय हिन्द



जय हिन्द



तिरंगा बायीं ओर निचले कोने में

जय हिन्द



जय हिन्द



तिरंगा दायीं ओर ऊपर कोने में

जय हिन्द



जय हिन्द



तिरंगा दायीं ओर निचले कोने में

जय हिन्द



जय हिन्द




कैसे जोड़े इस ब्लॉग से?

चरण एक: अपने डैश बोर्ड पर जायें और लेआउट(Layout) पर क्लिक करें और तत्पश्चात गैजेट जोड़े(Add a Gadget) पर क्लिक करें



चरण एक 1
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चरण दो: गैजेट जोड़े(Add a Gadget) पर क्लिक करने के बाद जावा/एच.टी.एम.एल(Java/HTML) विजेट का चुनाव करें

View Image in New Window


चरण तीन: अब शीर्षक स्थान को ख़ाली छोड़ दें और दर्शाये गये स्थान पर स्क्रिप्ट चिपका(Paste) दें और उसे सहेज(Save कर) दें।


लीजिए जुड़ गया भारतीय तिरंगा आपके ब्लॉग पर, जय भारत!


बुधवार, 3 अगस्त 2011

मोबाइल साईट बनाने हेतु दो सर्वश्रेष्ट प्लेटफोर्म


पिंकी जोशी
मोबाइल साईट हेतु दो सर्वश्रेष्ट प्लेटफोर्म । अपनी ब्लॉग या साईट को मोबाइल प्रारूपित या mobile friendly बनाने हेतु बेहतर विकल्प mobtron और mywibes दोनों ही विकल्प मोबाइल साईट निर्माण हेतु बेहतर और सभी आवश्यक प्रक्रिया जैसे html, java script , meta tags आदि सभी दोनों ही मोबाइल प्लेटफोर्म पर उपलब्ध है । आज हर ब्लॉगर या वेब साईट owner अपने ब्लॉग या साईट का मोबाइल संस्करण बनाना चाहता है इन्टरनेट पर ढेरो sites जो मोबाइल साईट हेतु प्लेटफोर्म उपलब्ध कराती है आवश्यकता केवल अपने लिए बेहतर platform जिसमे कंप्यूटर साईट से जुडी सूचनाओ, एवं जानकारी को मोबाइल संस्करण में प्रारूपित कर पाठको के सामने रखना है। ऊपर दिखाई गयी दोनों mobile साईट platform की कुछ ख़ास बाते जो शायद अन्य mobile साईट निर्माणक साइटो में नहीं है.....
१) दोनों ही platform html, java script, meta टेग सपोर्टेड है ।
२) दोनों ही platform में mobile साईट हेतु सेकड़ो बेहतर टेम्प्लेट उपलब्ध ।
३) ब्लॉग हेतु rss feed reader उपलब्ध।
४) सेकड़ो विडजेट जैसे ऑनलाइन काउंटर, ads आदि दोनों में उपलब्ध ।
५) गेस्ट बुक ( अथिति आगमन पुस्तिका ) दोनों ही में उपलब्ध ।
६) दोनों ही में साईट हेतु सुविधा अनुसार मुफ्त डोमेन चुनने की सुविधा उपलब्ध
इस प्रकार दोनों ही mobile साईट platform में एक श्रेष्ट साईट निर्माण हेतु आवश्यक सभी साधन उपलब्ध है। नीचे इन्ही दोनों platform पर डिजाईन दो साईट दी गयी है इन पर क्लिक कर दोनों ही सीटों पर डिजाईन mobile साईट का नमूना देखा जा सकता है।

my wibes पर डिजाईन साईट का नमूना देखे नीचे क्लिक करे
क्लिक करे


साभार Piush trivedi 
पिंकी जोशी


सोमवार, 25 जुलाई 2011

ज्ञान-विज्ञान मेल’ से पाएं नई जानकारियां


पिंकी जोशी : नई दिल्ली. युवा पीढ़ी में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी नई-नई जानकारियों के प्रचार-प्रसार के लिए अब ‘ज्ञान-विज्ञान मेल’ की मदद ली जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के इस प्रयास के तहत देशभर में करीब आठ महीनों तक ज्ञान-विज्ञान मेल चलाकर युवाओं को बताया जाएगा कि वे किस तरह अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा का सहारा ले सकते हैं।

करीब 2.7 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना के लिए राजधानी एक्सप्रेस की तर्ज पर एक रेल तैयार की जा रही है।

इग्नू के कुलपति प्रो.वीएन राजशेखरन पिल्लई की मानें तो दो अक्टूबर से शुरू होने वाली यह रेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाई जा रही है। यह रेल विभाग के साइंस एक्सप्रेस रेल को बदलकर तैयार की जा रही है। इसमें 16 कंपार्टमेंट होंगें,जिसके एक कोच में 30 पैनल होंगें। इनमें विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षा संबंधी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। रेल में दो एलसीडी स्क्रीन,डीवीडी प्लेयर और उम्दा इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

प्राे.पिल्लई ने बताया कि इस ज्ञान-विज्ञान मेल को चलाने का उद्देश्य युवाओं के ड्रॉप ऑउट औसत को कम करना और 18 से 23 वर्ष के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रति जागरूक करना है। ताकि, देश की युवा पीढ़ी पढ़-लिखकर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सके। इग्नू के स्कूल ऑफ ट्रांसलेशन स्टडिज एंड ट्रेनिंग निदेशक प्रो.अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि दो अक्टूबर से चलने वाली ट्रेन देशभर के 75 स्टेशनों का सफर करेगी। इस दौरान प्रत्येक स्टेशन पर यह तीन-तीन दिन रुकेगी।

यह रेल कुल आठ महीने तक चलेगी, यानि 2012 तक यह रेल चलती रहेगी। इस रेल में क्लास रूम की भी सुविधा दी गई है। इसमें 36 शिक्षाविद् सफर करेंगे, जो जगह-जगह कक्षाएं लगाते चलेंगे।

प्रत्येक स्टेशन पर क्षेत्र के 4-5 वालंटियर की मदद ली जाएगी,जो स्टेशनों पर विद्यार्थियों को ज्ञान-विज्ञान मेल तक लाने का काम करेंगे। कोई भी छोटा या बड़ा व्यक्ति स्टेशन पर आकर ज्ञान विज्ञान मेल को देख सकता है और इसके लिए सुबह से शाम तक का समय दिया जाएगा।

प्रो.सिंह ने बताया कि अभी यह तय नहीं हो सका है कि इस रेल को दिल्ली से चलाया जाए या कहीं ओर से,लेकिन उम्मीद है कि यह रेल दिल्ली से ही चलेगी। लाभ की बात करें तो ऐसा अनुमान है कि आठ महीने के सफर में इस रेल से करीब पांच लाख युवाओं को लाभ होगा। प्रत्येक स्टेशन में दो से ढाई हजार विद्यार्थियों -शिक्षकों के इसमें भाग लेने की संभावना जताई गई है।

प्रो.सिंह ने आगे बताया कि आठ महीने के अपने सफर में करीब 250 दिनों तक यह रेल लोगों में शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करेगी।

इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी में आवेदन 29 तक

इग्नू के स्कूल ऑफ वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की ओर से उपलब्ध स्किल्स प्रोग्राम पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। जुलाई सत्र के लिए जारी दाखिलों के लिए अंतिम तिथि 29 जुलाई निर्धारित है।

पाठ्यक्रम की बात करें तो यह विभिन्न स्तर पर इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी से जुड़े अहम पहलुओं की जानकारी छात्रों को देता है। योग्यता की बात करें तो बीएससी (कम्प्यूटर साइंस)/ बीसीए/बीटेक (कम्प्यूटर साइंस) और बीटेक (आईटी) सरीखे पाठ्यक्रम कर चुके छात्र इसमें दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के इच्छुक छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।


शनिवार, 23 जुलाई 2011

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समीक्षा : बाजीराव सिंघम में है दम


पिंकी जोशी : फिल्म : सिंघम
कलाकार : अजय देवगन, काजल अग्रवाल, प्रकाश राज
निर्देशक : रोहित शेट्टी
रेटिंग : 4/5


रोहित शेट्टी और अजय देवगन की जोड़ी पिछली पांच फिल्मों की कामयाबी का स्वाद चख चुकी हैं। शायद यही वजह है कि उन्हें अब अपने काम पर पूरा आत्मविश्वास हो चुका है। उनका यही आत्मविश्वास फिल्म सिंघम में भी नजर आता है। अब तक यह जोड़ी दर्शकों के सामने कॉमेडी फिल्में लेकर आयी है। लेकिन इस बार उन्होंने शेर की तरह दहाड़ते हुए दर्शकों के सामने यह दर्शाने की कोशिश की है कि वे हास्य फिल्मों के साथ साथ अन्य जॉनर की फिल्मों का भी निर्माण कर सकते हैं।

सिंघम में हर तरफ अजय देवगन नजर आये हैं। वाकई फिल्म में उनके अभिनय को देखने के बाद यह कहना गलत न होगा कि वे एक शेर की तरह बॉलीवुड में फिर से एक एक्शन हीरो के रूप में वापसी कर रहे हैं। अजय देवगन ने फिल्म के लिए जिस तरह से मेहनत की है। वह साफतौर पर बाजीराव के रूप में नजर आ रहा है। भले ही यह फिल्म दक्षिण की फिल्म का रीमेक हो। लेकिन अजय ने इसे हिंदी फिल्म के रूप में भी जीवंत किया है।

सिंघम एक ईमानदार पुलिस बाजीराव सिंघम की कहानी है। वह अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकता। फिर चाहे वह कोई भी हो। इसी क्रम में वह एक राजनेता से लड़ भिड़ जाता है। शिके्र नामक राजनेता ने भी ठान लिया है कि वह सिंघम को कहीं का नहीं छोड़ेगा। निस्संदेह ऐसी कई कहानियां हिंदी सिनेमा में लगातार दर्शायी जाती रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस ऑफिसर की आवाज उठायी जाती रही है। सिंघम कहानी के रूप में कुछ भी अनोखा नहीं है।

लेकिन इसके बावजूद वह अलग है। अजय देवगन का सिंघम रूपी दहाड़ दर्शकों को बेहद भायेगा। भ्रष्टाचार से लड़ते लड़ते सिंघम को भी काव्या नामक लड़की से प्यार हो जाता है। लेकिन सिंघम का पूरा ध्यान अपने काम पर है। शिक्रेर से भिड़ने की वजह से उसे ट्रांसफर कर गोवा भेज दिया जाता है। लेकिन सिंघम वहां भी अपनी ईमानदारी का परचम लहराता है।

गौरतलब है कि पिछली कई फिल्में गोवा को केंद्रित करके बनाई जा रही हैं। और वहां होनेवाले काले धंधों का पर्दाफाश कर रही है। सिंघम भी इसका विस्तार करती है। निस्संदेह फिल्म की शुरुआत व बाजीराव सिंघम का लुक दबंग के चुलबुल पांडे की तरह नजर आता है,चूंकि दोनों ही पुलिस ऑफिसर की भूमिका में हैं। लेकिन फिल्म आगे बढ़ते ही आपको पूरी तरह से सिंघम के किरदार को देखने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म में शानदार एक्शन सीन हैं।

एक्शन सीन के दर्शकों को बेहद पसंद आयेगी यह फिल्म। एक बार फिर से फिल्मों में एक्शन को पसंद किया जायेगा और इसके दृश्यों को यादगार दृश्य माना जायेगा। अजय देवगन एक लंबी पारी के अभिनेता हैं। सभी जानते हैं और उन्होंने फिर से साबित कर दिया है कि वह सुपरस्टार हैं। काजल अग्रवाल को जितने दृश्य दिये गये हैं। उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया है। और प्रकाश राज बुङ्ढा होगा के बाद इस फिल्म में बेहतरीन खलनायक के रूप में उभर कर सामने आये हैं।


असरदार रही भज्जी की धमकी, विज्ञापन वापस


Vijay Mallya
विजय माल्या 
पिंकी जोशी : मुंबई। भारत के सबसे बड़े रिकल किंग विजय माल्या आखिरकार बैकफुट पर आ ही गये। उन पर भज्जी की धमकी का असर देखा जा सकता है , तभी तो विजय माल्या की कंपनी ने भज्जी पर बनाये विज्ञापन को वापस ले लिया है।

इसके पीछे कंपनी हवाला दे रही है कि वो क्रिकेट जैसे पाक खेल को अपने विज्ञापन से परेशान नहीं करना चाहती है और ना ही कोई विवाद खड़ा करना चाहती है इसलिए वो विज्ञापन को वापस ले रही है।

ग़ौरतलब है कि हरभजन सिंह ने विजय माल्या की कंपनी यूबी ग्रुप को एक कानून का नोटिस भेजा था जिसमें कहा गया था कि उनके विज्ञापन में हरभजन सिंह जैसे एक लड़के को दिखा कर उनका और सिक्ख समाज का मज़ाक उड़ाया जा रहा है, इसे तत्काल बंद किया जाये। उन्होंने जो नोटिस भेजा था उसमें बकायदा हरभजन सिंह की मां के हस्ताक्षर थे।

जिसके बाद माल्या ने कहा था कि उन्होंने और उनकी कंपनी ने किसी का कोई मजाक नहीं उड़ाया है। विज्ञापन में जो लड़का दिख रहा है अगर उसकी शक्ल भज्जी से मिल रही है तो वो क्या कर सकते हैं, उन्होने ये भी कहा थी उनके वकील भज्जी के नोटिस को पढ़ रहे है इसलिए अब भज्जी के कोर्ट नोटिस का जवाब कानून प्रकिया के तहत ही दिया जायेगा।

माल्या का कहना था कि जो कुछ भी हो रहा है उसके पीछे इनकी प्रतिद्वंदी कंपनी रॉयल स्टैग का हाथ हैं क्योंकि भज्जी उसके ब्रांड एम्सटर्डम हैं। लेकिन दो दिन बाद ही माल्या अपनी बात से मुकर गये और उन्होंने विज्ञापन वापस ले लिया।

आपको बता दें कि माल्या के प्रोडक्ट मैकडोव्लस का एड कप्तान धोनी करते हैं, विज्ञापन में भज्जी के चेहरे-मोहरे वाले एक सिक्ख पंजाबी युवक के दिखाया जा रहा है, जिसको बतौर कॉमेडी पेश किया गया है, जिस पर भज्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए माल्या को नोटिस भिजवा दिया था। इस विवाद के बाद धोनी और भज्जी के बीच में भी मतभेद बताया जा रहा था लेकिन बाद में भज्जी ने इस बात से इंकार कर दिया था।


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